ईरान और अमेरिका के बीच अचानक हुए सीज़फायर ने वैश्विक तेल बाजार में भूचाल ला दिया है। कुछ ही घंटों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को चौंका दिया।
जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में 15% से 20% तक की तेज गिरावट आई है। युद्ध के दौरान जहां कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, वहीं सीज़फायर की खबर आते ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और दाम तेजी से नीचे आ गए।
दरअसल, ईरान-अमेरिका तनाव के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा था, जो दुनिया की तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा संभालता है। लेकिन अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से सप्लाई बाधित होने का डर कम हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सीज़फायर कायम रहता है, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और नरमी देखी जा सकती है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिल सकता है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के दाम भी घट सकते हैं।
हालांकि, बाजार अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। अगर फिर से तनाव बढ़ता है, तो कीमतों में दोबारा उछाल आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

