बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश की राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया है। नीतीश कुमार जल्द ही सीएम की जगह राज्यसभा सांसद कहलाएंगे। नीतीश ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में भारी नाराजगी भी देखी गई। हालांकि, उनके बेटे निशांत के राजनीतिक एंट्री के बाद की मामला शांत हैं।
लेसी सिंह मंच पर फफक-फफक कर रो पड़ीं
राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ पर हैं। गुरूवार को ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान पूर्णिया में एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। मंच पर जनता को संबोधित करते हुए बिहार सरकार की कद्दावर मंत्री लेसी सिंह अचानक फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने भरे गले से नीतीश कुमार को अपने परिवार का रक्षक और कृष्ण बताया।
अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक यात्रा का जिक्र
लेसी सिंह ने कहा, “जिस तरह से मेरे परिवार पर, मेरे ऊपर आपत्ति-विपत्ति आई, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृष्ण के रूप में ढाल बनकर आए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके जीवन में एक वक्त ऐसा आया था जब चारों तरफ अंधेरा था।” उन्होंने कहा, “मुझ जैसी साधारण महिला को राजनीति के शीर्ष तक पहुंचाने वाले नीतीश कुमार जी ही हैं।”
एक अभिभावक की तरह हर संकट से बाहर निकाला-लेसी सिंह
मंत्री लेसी सिंह आगे कहा, “जब मेरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूटा, तो मुख्यमंत्री जी मेरे और मेरे परिवार के लिए ‘कृष्ण’ की तरह ढाल बनकर खड़े रहे।” लेसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल उनका राजनीतिक अस्तित्व बचाया, बल्कि एक अभिभावक की तरह उन्हें हर संकट से बाहर निकाला।”
पूर्णिया को करोड़ों की सौगात
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जिले में मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की करीब ₹500 करोड़ की लागत वाली 200 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने पूर्ववर्ती राजद सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में क्या हाल था,यह किसी से छिपा नहीं है। तब लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, सड़कें गायब थीं और अराजकता का बोलबाला था। सीएम ने कहा कि हमने बिहार को गर्त से निकालकर शिखर तक पहुंचाया है।

