ऑपरेशन WILEP: दून एक्सप्रेस से 78 जिंदा कछुए बरामद, RPF ने तस्करों का मंसूबा किया नाकाम

Reena Sharma
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दून एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिले चार लावारिश बैग

वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक, रेसुबल पोस्ट धनबाद के नेतृत्व में गठित टास्क टीम के अधिकारी व स्टाफ एवं CIB DHN के स्टाफ ने प्राप्त आसूचना के आधार पर 11-12/09/26 की रात्रि गश्ती के दौरान ट्रेन संख्या 13010 (योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस) की जांच की। धनबाद स्टेशन पर करीब 02:30 बजे ट्रेन के आगमन के बाद इंजन से दूसरे जनरल कोच (फिजिकल कोच संख्या IR 201142C) में 02 थैले और 02 पिठ्ठू बैग यानी कुल 04 लावारिश बैग बरामद किए गए।

किसी ने नहीं बताया बैग पर अपना मालिकाना हक

थैले और पिठ्ठू बैग के संबंध में पूछताछ करने पर किसी ने अपना मालिकाना हक नहीं बताया और न ही इनके बारे में कोई जानकारी होने की बात कही। जूट के बोरों को बाहर से टटोलने पर अंदर कछुआ जैसा प्रतीत हुआ। बैगों के मालिक की खोजबीन की गई, लेकिन कोई मालिक ज्ञात नहीं हुआ। संदेह प्रबल होने पर 02 थैले और 02 पिठ्ठू बैग को हावड़ा छोर में प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर उतारा गया।

चार बैगों की जांच में मिले 78 जीवित कछुए

बैगों की बारी-बारी से जांच करने पर सफेद रंग के कपड़े के थैले से 31 जीवित कछुए, डेनिम रंग के पिठ्ठू बैग से 16, हरे रंग के पिठ्ठू बैग से 19 और ब्लू रंग के बैग से 12 जीवित कछुए बरामद हुए। इस तरह कुल 78 जीवित कछुए मिले।

Indian Flapshell प्रजाति के कछुए जब्त

बरामद सभी 78 कछुए Indian Flapshell (Lissemys punctata) प्रजाति के थे। जीवित कछुओं को 03:10 बजे नियमानुसार जब्त कर पोस्ट पर लाया गया। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत उक्त कछुओं को संरक्षण प्रदान किया गया।

अज्ञात के कब्जे से जब्ती, वन विभाग को सुपुर्द

जब्त सामान में कुल 04 थैले एवं पिठ्ठू बैग शामिल हैं, जिनसे 78 जीवित कछुए बरामद हुए। इनका कब्जाधारी अज्ञात रहा। बरामद कछुओं को अग्रिम कार्रवाई के लिए वन विभाग को सुपुर्द किया गया।

गश्ती दल के सदस्य:

1. मनीषा कुमारी, SI/RPF/POST/DHN
2. शिवजी राय, ASI/RPF/POST/DHN
3. बाबुलेश कुमार, HC/RPF/POST/DHN
4. संजीव कुमार, CT/RPF/POST/DHN
5. अमित कुमार वर्मा, CT/CIB/DHN

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