धनबाद. ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर धनबाद में अकीदत और मोहब्बत से लबरेज जुलूस निकाला गया. बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने जुलूस में शामिल होकर नात-ए-पाक के जरिए पैगंबर-ए-इस्लाम मुहम्मद साहब की सीरत और उनके पैगाम को याद किया.
केंदुआ चार नंबर से शुरू हुआ जुलूस
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाला गया यह जुलूस अंजुमन फैजुल इस्लाम की जेरे निगरानी आयोजित किया गया. जुलूस की शुरुआत केंदुआ चार नंबर से हुई. यहां से जुलूस अपने निर्धारित रास्ते से आगे बढ़ा और मटकुरिया के रास्ते रांगटाड़ होते हुए रेलवे मस्जिद तक पहुंचा.
नात-ए-पाक और धार्मिक नारों से गूंजता रहा रास्ता
जुलूस में शामिल अकीदतमंद पूरे अदब और एहतराम के साथ आगे बढ़ते नजर आए. रास्ते भर नात-ए-पाक और धार्मिक नारों की आवाजें सुनाई देती रहीं. बड़ी संख्या में नौजवान, बुजुर्ग और स्थानीय लोग जुलूस का हिस्सा बने. जुलूस के आगे बढ़ने के साथ लोगों में उत्साह नजर आया और रास्ते में स्थानीय लोगों ने इसका इस्तकबाल किया.
मोहब्बत, भाईचारे और अमन का दिया पैगाम
अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी और मुहम्मद साहब की तालीमात को अपनी जिंदगी में अपनाने का पैगाम दिया. जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि मुहम्मद साहब की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए रहमत और बेहतर जिंदगी जीने की तालीम का पैगाम देती है. उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज में अमन-ओ-अमान, मोहब्बत और भाईचारे को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है.
शांतिपूर्ण तरीके से रेलवे मस्जिद पहुंचा जुलूस
केंदुआ चार नंबर से शुरू होकर मटकुरिया और रांगटाड़ होते हुए जुलूस रेलवे मस्जिद पहुंचा. इस दौरान अकीदतमंदों में उत्साह नजर आया. अंजुमन फैजुल इस्लाम की तरफ से जुलूस की निगरानी की गई और लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई. जुलूस निर्धारित रास्ते से होकर शांतिपूर्ण तरीके से रेलवे मस्जिद पहुंचा. नात-ए-पाक की सदाओं के बीच अकीदतमंद मुहम्मद साहब की सीरत को याद करते हुए आगे बढ़ते रहे.

