धनबाद, निरसा। ईसीएल मुगमा क्षेत्र के कुमारधुबी कोलियरी का खेल मैदान आज बदहाली का शिकार है। कभी यहां कोयले का खनन होता था, जिसे 1980 के दशक में तत्कालीन प्रबंधक सरदार गुरमुख सिंह के प्रयास से खेल मैदान का स्वरूप दिया गया था। समय के साथ मैदान की देखरेख नहीं हो सकी, जबकि आज यहां क्रिकेट के साथ सैकड़ों युवा विभिन्न नौकरियों की तैयारी करते हैं।
चहारदीवारी का प्रयास रहा अधूरा
मैदान की चहारदीवारी के लिए कई बार प्रयास हुए, लेकिन काम धरातल पर नहीं उतर सका। ईसीएल के तत्कालीन कार्मिक निदेशक विनय रंजन ने आरओ प्लांट के उद्घाटन के दौरान मैदान का निरीक्षण कर तत्कालीन महाप्रबंधक बीसी सिंह को चहारदीवारी निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
2014 में कुंदन ने संवारा मैदान
2014 में स्थानीय युवा कुंदन कुमार उर्फ शाह ने बिना सरकारी मदद मैदान को संवारना शुरू किया। उन्होंने ट्रफ विकेट का निर्माण कराया, जिससे यहां क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा मिला।
डीसीए लीग और क्रिकेट प्रशिक्षण
मैदान में डीसीए के ए और बी डिवीजन लीग मैच आयोजित होते हैं। माही क्रिकेट कोचिंग के जरिए बच्चों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसी मैदान से बबली कुमारी का झारखंड अंडर-19 टीम में चयन हुआ, जबकि धनबाद की दो अन्य बेटियों ने भी पहचान बनाई है।
नौकरी की तैयारी का भी केंद्र
क्रिकेट के अलावा सुबह-शाम सैकड़ों युवा सेना, होमगार्ड, अग्निवीर और एसएसबी जैसी नौकरियों की तैयारी के लिए यहां दौड़ लगाते हैं। कई युवाओं ने इन प्रयासों में सफलता भी हासिल की है।
घास और कीचड़ से अभ्यास प्रभावित
मैदान में बड़े-बड़े घास उग आए हैं और कई जगह कीचड़ जमा है। इससे बच्चों और खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी हो रही है। बच्चों ने ईसीएल प्रबंधन और चिरकुंडा नगर परिषद से मैदान के सौंदर्यीकरण की मांग की है।
सौंदर्यीकरण का मिला आश्वासन
बच्चों की परेशानी को देखते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष विजय यादव ने जल्द मैदान का सौंदर्यीकरण और समतलीकरण कराने का आश्वासन दिया है। अब मैदान के विकास को लेकर ईसीएल और जनप्रतिनिधियों की पहल का इंतजार है।

