बोकारो के चंदनक्यारी बरमसिया ओपी क्षेत्र में जीजा की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाला मृतक का साला ही हत्यारा निकला। पुलिस ने साले भगीरथ गोप और उसके साथी भूदेव गोप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सड़ी-गली लाश मिलने के बाद खुला राज
12 सितंबर को कोका गोप लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 14 सितंबर को दर्ज हुई। 17 सितंबर को सड़ी-गली लाश मिलने पर पहचान कोका गोप के रूप में हुई। जांच में
आखिरी बार उसे साले के साथ देखे जाने की बात सामने आई।
12 बीघा जमीन को लेकर था विवाद
ASP वेदांत शंकर के अनुसार, कोका गोप के ससुर की दो सप्ताह पहले मौत हुई थी। उनकी तीन बेटियां थीं और कोई बेटा नहीं था। करीब 12 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर कोका और उसके चचेरे साले भगीरथ के बीच विवाद चल रहा था।
गमछे से गला घोंटकर की हत्या
12 सितंबर को बाजार जाने के दौरान दोनों आरोपी कोका गोप को खासी नदी किनारे ले गए। पुलिस के अनुसार, वहां गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को वहीं छोड़कर दोनों घर लौट गए।
शक से बचने के लिए खुद दर्ज कराई रिपोर्ट
परिजनों के खोजबीन शुरू करने पर भगीरथ ने खुद थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि उस पर शक न हो। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

