जमशेदपुर में सियासी घमासान: जेएनयू प्रकरण पर बवाल के बीच फूटे सिर, रणक्षेत्र बना बिष्टुपुर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: देश की राजधानी के बाद अब झारखंड के जमशेदपुर में भी जेएनयू से जुड़ा कथित यौन उत्पीड़न का मामला सियासी जंग का बड़ा अखाड़ा बन गया है। सोमवार को शहर में पहली बार भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘तिलक पुस्तकालय’ रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प के दौरान लाठी-डंडों और पत्थरों का खुलकर इस्तेमाल हुआ।

​मार्च के दौरान भड़का मामला
​जेएनयू प्रकरण के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने एक प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी के तहत पार्टी कार्यकर्ता जी टाउन मैदान से जुलूस निकालते हुए बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। जैसे ही भाजपाई वहां पहुंचे, पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते दोनों तरफ से नारेबाजी तेज हो गई और कुछ ही पलों में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। मौके पर भगदड़ मच गई और दोनों ओर से जमकर लाठियां तथा पत्थर चले।

घायलों में कार्यकर्ता और विधायक का धरना
​इस हिंसक संघर्ष में कुल चार लोगों के सिर फटने की खबर है, जिनमें तीन भाजपा कार्यकर्ता और एक कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
​तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब झड़प के विरोध में जमशेदपुर से भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। उनके इस कदम से सियासी पारा और चढ़ गया। हालांकि, करीब आधे घंटे के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।

भारी पुलिस बल तैनात
​घटना की गंभीरता को देखते हुए बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि शहर का माहौल और न बिगड़े। जेएनयू के बहाने जमशेदपुर की सड़कों पर हुए इस खूनी संघर्ष ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक तकरार और तेज होने वाली है।

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