जमुई: आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में जमुई जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में आगामी ‘सहयोग शिविर’ को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों को ‘सहयोग पोर्टल – वास्तविक समय अनुश्रवण प्रणाली’ की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी नवीन ने की।
प्रशिक्षण के दौरान जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी दीपू पटेल ने अधिकारियों को बताया कि अब जिले के लोग Sahyog.bihar.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने मोबाइल से घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इतना ही नहीं, पोर्टल की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुविधा के जरिए लोग अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति भी देख सकेंगे। प्रशिक्षण में आवेदन पंजीकरण, ओटीपी सत्यापन और शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन का असली उद्देश्य जनता की समस्याओं का तेज, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि आम लोगों और प्रशासन के बीच की दूरी कम हो तथा हर नागरिक को समय पर न्याय और सुविधा मिले।
DM ने साफ शब्दों में कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो पोर्टल की रिमाइंडर प्रणाली के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिलने वाली प्रतिक्रिया और सुझाव ही प्रशासनिक सेवाओं की असली गुणवत्ता तय करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 19 मई को विभिन्न पंचायतों में आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों को सफल बनाने का निर्देश दिया, ताकि सरकारी सेवाओं को आम जनता तक और आसान तरीके से पहुंचाया जा सके।

