डेंगू और स्वाइन फ्लू का प्रकोप: ​राज्य के 6 बड़े मेडिकल कॉलेज बने नोडल सेंटर, संदिग्ध मरीजों की जांच के निर्देश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : देश के कई राज्यों में डेंगू और स्वाइन फ्लू के तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन कड़े कदम उठाए हैं। राज्य में संक्रमण के खतरे को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और संदिग्ध मरीजों की त्वरित पहचान व पुख्ता जांच के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इन छह प्रमुख मेडिकल कॉलेजों को सौंपी गई जिम्मेदारी
राज्य में जांच व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए झारखंड के छह बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को नोडल सेंटर के रूप में नामित किया गया है। इनमें शामिल हैं।
​रिम्स (RIMS), रांची
​एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमशेदपुर
​शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, धनबाद
​मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू
​फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका
​शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग

एमजीएम जमशेदपुर संभालेगा इन जिलों की कमान
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल को आसपास के जिलों के लिए अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत इसे सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले से संबद्ध किया गया है। अब इन दोनों जिलों में डेंगू या स्वाइन फ्लू के किसी भी संदिग्ध मरीज के मिलने पर उनके सैंपल जांच के लिए सीधे एमजीएम अस्पताल भेजे जाएंगे, जिससे समय पर रिपोर्ट आने से मरीजों का बेहतर और त्वरित इलाज सुनिश्चित हो सके।

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सैंपल कलेक्शन और सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला की ओर से सभी संबंधित मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों और जिलों के सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने हिदायत दी है कि संदिग्ध मरीजों के सैंपल कलेक्शन, उनकी सुरक्षित पैकिंग और समय पर जांच केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, सभी अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके परिसरों में पर्याप्त मात्रा में जांच किट, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य जरूरी चिकित्सीय संसाधन हमेशा उपलब्ध रहें।

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