तेज कटाव से कई घर गंगा में समाए
भोजपुर के बड़हरा प्रखंड का पीपरपाती गांव गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव की चपेट में है। कई घर नदी में समा चुके हैं और ग्रामीणों के सामने गांव के अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। पिछले साल इसी तरह गंगा के कटाव से जवैनिया गांव पूरी तरह नदी में विलीन हो गया था, जिसकी त्रासदी का दर्द लोग अब तक झेल रहे हैं।
घर छोड़कर स्कूलों में शरण ले रहे ग्रामीण
कटाव और बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पीपरपाती के लोग घर छोड़कर सरकारी स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीण जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें डर है कि पता नहीं कब उनका घर गंगा में समा जाए। गांव में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच भय और दहशत का माहौल है।
मदद की गुहार, प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से पर्याप्त मदद नहीं मिलने की शिकायत की है। कई परिवारों के सामने अपने घरों को आंखों के सामने नदी में समाते देखने की मजबूरी है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है। हालांकि, लगातार बढ़ते जलस्तर और कटाव ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।

