डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:कोल्हान प्रमंडल में दुर्गापूजा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम की अध्यक्षता में समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था संधारण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और तमाम प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारीब समेत कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में लिए गए मुख्य फैसले और निर्देश
पुख्ता सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: पूजा पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। भीड़ के आकलन के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में तुरंत बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी निगरानी (सीसीटीवी और ड्रोन): प्रमुख मार्गों, पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोनों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। नियंत्रण कक्षों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर: भ्रामक, अफवाहपूर्ण और भड़काऊ संदेशों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी अपुष्ट वीडियो या संदेश को बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
पूजा समितियों के लिए निर्देश: सभी पूजा समितियों को सुरक्षा मानकों का पालन करने, पंडालों में प्रवेश और निकास मार्ग सुगम रखने तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा पंडालों में बिजली के तारों, जनरेटर और अग्निशमन उपकरणों की जांच अनिवार्य कर दी गई है।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था: त्योहार के दौरान सड़कों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है। जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन, नो-एंट्री और वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की जानकारी जनता को समय पर दी जाएगी।
विसर्जन घाटों पर विशेष सतर्कता: प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, गहरे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान और चेतावनी संकेतकों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गोताखोरों और बचाव दलों को भी तैनात रखा जाएगा।
चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।
प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि सभी विभागों के आपसी समन्वय से इस वर्ष का दुर्गापूजा पर्व पूरी तरह सुरक्षित, भव्य और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होगा।

