धनबाद जलापूर्ति अपडेट: जनता प्यासी, निगम सख्त! नगर आयुक्त ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग

Reena Sharma
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धनबाद, 02 नवंबर 2026। धनबाद नगर निगम क्षेत्र में नियमित, पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति की समस्याओं, पाइपलाइन लीकेज, वितरण नेटवर्क की तकनीकी कमियों, चालू एवं प्रस्तावित परियोजनाओं, लंबित NOC, पेयजल की गुणवत्ता जांच तथा जलापूर्ति टंकियों की साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कई वार्डों में जलापूर्ति की समस्याओं पर हुई चर्चा

बैठक में वार्ड संख्या 1, 3, 6, 7, 8, 15, 16, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 29, 32, 33, 50 एवं 53 के विभिन्न मोहल्लों में जलापूर्ति की समस्याओं की समीक्षा की गई। इनमें रेलवे फाटक केवट मोहल्ला, सलानपुर बस्ती, पुराना श्याम बाजार, तेतुलमारी, सिजुआ, बांसजोड़ा, बासुदेवपुर, मंडल बस्ती, कुसुम विहार, विकास नगर, विनोद नगर, महावीर नगर, संजय नगर, प्रेम नगर, डिगवाडीह एवं मनोहरटांड़ सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

विशेष रूप से वार्ड 15 एवं 16 में JnNURM के तहत निर्मित जलापूर्ति टंकियों से नियमित पानी नहीं मिलने के मुद्दे पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने समस्याओं के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पाइपलाइन लीकेज पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जरूरत

नगर निगम क्षेत्र के भगत सिंह चौक, लोयाबाद शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, झारखंड मोड़, FCI गोदाम, बैंक मोड़, बरमसिया एवं धनसार चौक सहित विभिन्न स्थानों पर चिह्नित पाइपलाइन लीकेज की समीक्षा की गई। लीकेज के कारण पेयजल की बर्बादी और वितरण का दबाव प्रभावित होने की समस्या को देखते हुए इनके प्राथमिकता के आधार पर निराकरण की आवश्यकता बताई गई।

जलापूर्ति नेटवर्क के विस्तार और तकनीकी कमियों पर मंथन

बैठक में भैलाटांड़ ESR, राजा तालाब ESR एवं मनझलाडीह नवाडीह ESR के वितरण नेटवर्क को पुराने निकटवर्ती नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कुछ स्थानों पर ESR के कार्यशील होने के बावजूद Missing Distribution Lines के कारण सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं हो पाने की समस्या सामने आई।

वार्ड संख्या 29 एवं 26 में बढ़ती आबादी और भवन निर्माण के अनुरूप जलापूर्ति नेटवर्क के विस्तार तथा अतिरिक्त ESR की आवश्यकता पर भी विचार किया गया। इसके अलावा जलापूर्ति टंकियों में वाटर लेवल मीटर की अनुपलब्धता या उनके खराब होने तथा ओवरफ्लो लाइनों को वितरण नेटवर्क से नहीं जोड़ने जैसी तकनीकी कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया।

पेयजल की गुणवत्ता और टंकियों की सफाई पर विशेष जोर

बैठक में पेयजल की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए जल स्रोतों, ESR एवं वितरण नेटवर्क से नियमित अंतराल पर पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराने पर चर्चा हुई। जांच परिणामों का रिकॉर्ड रखने और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही जलापूर्ति टंकियों की नियमित साफ-सफाई, आवश्यकतानुसार कीटाणुशोधन, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था के निरीक्षण और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

DWSD-1 और DWSD-2 के साथ समन्वय पर जोर

बैठक में स्पष्ट किया गया कि जलापूर्ति योजनाओं का संचालन एवं अनुरक्षण (Operation & Maintenance) पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-1 एवं प्रमंडल-2 (DWSD-1 एवं DWSD-2) द्वारा किया जाता है। ऐसे में जलापूर्ति की नियमितता, लीकेज की मरम्मत, वितरण नेटवर्क की कार्यशीलता, जल गुणवत्ता जांच और टंकियों की साफ-सफाई से जुड़े मामलों में दोनों प्रमंडलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

लंबित NOC और परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने की तैयारी

बैठक में जलापूर्ति की चालू एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं की समीक्षा की गई। पाइपलाइन विस्तार, सड़क कटिंग, विभिन्न विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), लंबित अनुमतियों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब रोकने और कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सार्वजनिक संरचनाओं की समुचित पुनर्स्थापना सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नगर आयुक्त ने कहा कि जलापूर्ति परियोजनाओं की सफलता केवल पाइपलाइन बिछाने या टंकियों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है।

इसके लिए उपलब्ध अवसंरचना का प्रभावी उपयोग, वितरण नेटवर्क की तकनीकी कमियों का निराकरण, लीकेज पर नियंत्रण, जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी तथा DWSD-1 एवं DWSD-2 सहित संबंधित विभागों और कार्यकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बैठक में जलापूर्ति से जुड़ी वर्तमान समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।

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