डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: निखार सबलोक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस और एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा कारोबार जगत तक बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में चांडिल पुलिस और संयुक्त एसआईटी ने सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग के कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट की देखरेख में सर्च वारंट के आधार पर कार्यालय का ताला तोड़कर दो घंटे से अधिक समय तक गहन तलाशी ली गई।
कारोबारी लिंक की तलाश: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस दफ्तर और कारोबार का संबंध अशोक सिंह राघव और निखार हत्याकांड से है या नहीं।
दस्तावेजों की पड़ताल: हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को कोई ठोस या महत्वपूर्ण सामग्री हाथ नहीं लगी। अधिकारियों का अनुमान है कि छापेमारी से पहले ही वहां से कई अहम दस्तावेज हटा लिए गए होंगे।
विक्रम शर्मा हत्याकांड से कनेक्शन: यह कार्रवाई दिवंगत विक्रम शर्मा ( जिनकी 13 फरवरी 2026 को देहरादून में हत्या हुई थी) के कारोबार और उसके बाद विक्रम उद्योग की गतिविधियों से जुड़ी है।
राघव की भूमिका: पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, विक्रम शर्मा की हत्या के बाद आरोपी राघव इस कंपनी के संचालन से जुड़ गया था और फिलहाल निदेशक की भूमिका में है।
तकनीकी साक्ष्यों से मिलान
एसआईटी अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि राघव के पुराने कारोबारी संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और कुख्यात अखिलेश सिंह के साथ उसके पुराने संबंधों का इस पूरे हत्याकांड से क्या लेना-देना है। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन जैसे तकनीकी साक्ष्यों को खंगालकर कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

