पश्चिमी सिंहभूम में बड़ा नक्सली षड्यंत्र नाकाम: सारंडा के जंगलों से दो शक्तिशाली आईईडी बरामद, सुरक्षा बलों ने मौके पर किया नष्ट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक खतरनाक मंसूबे को समय रहते नाकाम कर दिया है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गांव के पास कोयना नदी के तट पर जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों ने अत्यंत सूझबूझ और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दोनों विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया।

संयुक्त अभियान के तहत मिली सफलता
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सारंडा के जंगलों में इन दिनों उग्रवाद विरोधी सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई। सीआरपीएफ की 193वीं बटालियन, स्थानीय छोटानागरा थाना और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर यह कार्रवाई पूरी की। छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने इलाके में पैनी नजर बनाए रखी थी।

पगडंडी के पास छिपाए गए थे विस्फोटक
पुलिस के मुताबिक नक्सली सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। इसी नीयत से बहदा गांव के समीप कोयना नदी के किनारे, पगडंडी मार्ग के एक ऊंचे हिस्से में जमीन के नीचे दोनों आईईडी बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए थे। सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां और निशान मिले, जिसके बाद विशेष तौर पर सतर्कता बरती गई। बम निरोधक दस्ते की मदद से तुरंत संदिग्ध स्थान की घेराबंदी की गई और बिना किसी नुकसान के दोनों शक्तिशाली विस्फोटकों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा बलों के इस साहसिक कदम से नक्सलियों की एक बड़ी साजिश विफल हो गई है। इस कार्रवाई के बाद से सारंडा के अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा और अधिक बढ़ा दी गई है तथा सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

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