पूर्वी सिंहभूम में सफर होगा सुपरफास्ट और जाममुक्त: जिले के 7 रेलवे फाटकों पर जल्द तनी दिखेंगी नई रेल ओवरब्रिज की दीवारें

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी में रेलवे क्रॉसिंग पर लंबा इंतजार अब अतीत की बात होने वाली है। पूर्वी सिंहभूम जिले के आम नागरिकों और रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे के रेल परियोजना विभाग ने जिले के अलग-अलग रेल खंडों पर कुल 7 नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है।

अक्सर ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटकों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से आम जनता को जूझना पड़ता था। इस विकट समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन और रेलवे ने कमर कस ली है। रेल अधिनियम, 1989 की धारा 2 के खंड (7ए) के अंतर्गत केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दे दी है। इसके लिए पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर अड़चनों को तुरंत दूर किया जा सके।

इन सात प्रमुख जगहों पर बनाए जाएंगे ओवरब्रिज
आसनाबनी-सालगाझारी स्टेशन के बीच: फाटक संख्या 137 और फाटक संख्या 138 पर ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इसी खंड पर एक अन्य 118 नंबर ओवरब्रिज भी बनेगा।

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धालभूमगढ़- घाटशिला स्टेशन के बीच: क्षेत्र में लगने वाले भीषण जाम से राहत देने के लिए फाटक संख्या 119 और एक अन्य निर्धारित स्थल पर ओवरब्रिज बनेगा।

राखामाइंस – टाटा स्टेशन के बीच: व्यस्त रहने वाले इस रेल मार्ग पर यातायात को सुचारू रखने के लिए फाटक संख्या 132 और फाटक संख्या 133 पर ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

निधनी – चाकुलिया स्टेशन के बीच: इस रूट पर आवागमन को बेहतर बनाने के लिए फाटक संख्या 99 पर ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

तेजी से आगे बढ़ेगी प्रशासनिक प्रक्रिया
​दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने के साथ ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी कानूनी व मैदानी प्रक्रियाएं अत्यधिक प्रभावी हो चुकी हैं। रेलवे द्वारा अब सीधे तौर पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट की रफ्तार में तेजी आएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन ओवरब्रिज के बन जाने से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को भी क्रॉसिंग पर नहीं फंसना पड़ेगा।

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