डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : झारखंड के आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब खाने में नियमित रूप से रोटियां मिल सकेंगी। राज्य के आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उपायुक्त राजीव रंजन की पहल और डीएमएफटी फंड की मदद से जिले के 15 आवासीय विद्यालयों में आधुनिक रोटी मेकिंग मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
क्यों पड़ी इस मशीन की ज़रूरत?
अक्सर क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई थी कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में बच्चों के लिए हाथों से रोटियां बेलना रसोइयों के लिए बेहद कठिन काम था। इस चुनौती के चलते सामान्य दिनों में बच्चों को नियमित रूप से रोटियां नहीं मिल पाती थी और रोटियां सिर्फ विशेष अवसरों पर या बच्चों के बीमार पड़ने पर ही बन पाती थी। रसोई कर्मियों के काम को आसान बनाने और बच्चों को रोजाना पौष्टिक व विविधतापूर्ण भोजन देने के लिए इस समस्या का तकनीकी समाधान निकाला गया है। इन नई मशीनों के आ जाने से अब कम समय में सैकड़ों रोटियां आसानी से तैयार की जा सकेंगी।
सुंदरनगर के केजीबीवी से हुई शुरुआत
इस योजना की शुरुआत करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में रोटी मेकिंग मशीन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उन्होंने उप विकास आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ बैठकर छात्राओं के साथ भोजन भी किया। दौरे के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय की छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, हॉस्टल की दिनचर्या और अन्य सुविधाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पूरी लगन से पढ़ें और जीवन में बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल करें। साथ ही, उन्होंने स्कूल प्रबंधन और वार्डन को यह सख्त निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई के माहौल के साथ-साथ उनके खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिला प्रशासन की इस पहल से अब आवासीय विद्यालयों के बच्चों का दैनिक भोजन मेनू और अधिक संतुलित और बेहतर हो सकेगा, जिससे वे बिना किसी परेशानी के पूरी ऊर्जा के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।

