दिल्ली आतंकी हमले में संलिप्त डॉ. शाहीन पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कस रह है। साथ ही इसमें नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने गुरुवार रात अल-फ़लाह विश्वविद्यालय स्थित डॉ. शाहीन शाहिद के छात्रावास वाले कमरे में तलाशी ली। इस दौरान एनआईए ने यहां से 18 लाख रुपये नगद बरामद किए। यह कैश शाहीन के कमरा नंबर 22 की अलमारी में रखा गया था और इसे एक साधारण पॉलीथिन में छुपाया गया था।

एनआईए की टीम गुरुवार की रात डॉ. शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची। एनआईए की टीम सबसे पहले डॉक्टर शाहीन को धौज गांव स्थित अल-फला मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची। टीम ने उसे उसी हॉस्टल बिल्डिंग में ले जाकर कमरे नंबर 22 में प्रवेश कराया, जहां वह रहती थी। शाहीन से जांच एजेंसी ने सभी प्रकार की जानकारी ली, जैसे कि वह वहां दिनभर क्या करती थी, कौन-कौन उससे मिलने आता था और किन लोगों से उसका नियमित संपर्क था। टीम ने कमरे के हर हिस्से की जांच की और उसके रूटीन से जुड़े कई सवाल पूछे।
‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ को वित्तपोषित करने की आशंका
इसी जांच के दौरान आलमारी से 18 लाख रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी मात्रा में कैश देखकर एनआईए की टीम भी चौंक गई। अंदेशा है कि इन पैसों का इस्तेमाल टेरर मॉड्यूल की गतिविधियों को फंड करने में किया जाना था। अलमारी में मिले इन भारी भरकम पैसों से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि यह पैसा विश्वविद्यालय के भीतर से संचालित हो रहे ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ को वित्तपोषित करने के लिए रखा गया होगा।
फंडिंग का सोर्स खंलाल रही एनआईए
जांच एजेंसि अब धन के स्रोत का पता लगा रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह मॉड्यूल के नेटवर्क के ज़रिए पहुंचाया गया था। इस धन हस्तांतरण में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान के लिए भी तलाशी शुरू कर दी गई है।
‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ का गढ़ अल-फलाह
बता दें कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस की संयुक्त छापेमारी में सैकड़ों किलो विस्फोटक मिलने के बाद टेरर मॉड्यूल का भांडा फूट गया और अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर जांच एजेंसियों की निगाहें टिक गईं। लाल किला के पास कार धमाके के बाद संदिग्ध आतंकवादियों का सब काम गड़बड़ा गया और नकदी का इस्तेमाल हो पाता उससे पहले ही शाहीन की गिरफ्तारी हो गई।
मुजम्मिल ने उगले गहरे राज
देश को बड़े धमाकों से दहलाने का नेटवर्क में शामिल डॉ. मुजम्मिल शकील का जो कबूलनामा सामने आया है, वो बताता है कि इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के जेहन में क्या जहर घुला था? मुजम्मिल ने जैश ए मोहम्मद की महिला कमांडर डॉ. शाहीन से उसकी नजदीकियों को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुजम्मिल ने बताया है कि शाहीन से उसकी मुलाकात अल-फलाह यूनिवर्सिटी में हुई थी। वो मुझसे काफी बड़ी थी और उसकी सैलरी भी मुझसे काफी ज्यादा थी। शाहीन के साथ आशिकी इस कदर परवान चढ़ी कि दोनों ने 2023 में निकाह कर लिया। डॉ. शाहीन का पहला पति जफर हयात मुंबई रहता था। लेकिन उसका दूसरा पति गाजियाबाद में एक कपड़े की दुकान चलाने वाला था, जिससे भी उसकी नहीं बनीष फिर अल फलाह में वो डॉ. मुजम्मिल के करीब आ गई।

