एडविन लुटियंस कौन थे, राष्ट्रपति भवन में क्यों हट रही उनकी प्रतिमा?

Reena Sharma
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एडविन लैंडसियर लुटियंस, एक प्रमुख ब्रिटिश वास्तुकार थे। जिन्हें नई दिल्ली के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रपति भवन में इस प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार का प्रतिमा लगी हुई है। हालांकि, अब राष्ट्रपति भवन से एडविन लुटियंस की प्रतिमा को हटा दिया जाएगा। लुटियंस की प्रतिमा की जगह स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा लगाई जाएगी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ के दौरान यह घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से, स्वतंत्रता के बाद भी राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश प्रशासकों की मूर्तियां बनी रहीं, जबकि देश के महान सपूतों की मूर्तियों को वहां स्थान देकर सम्मानित नहीं किया गया।

देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ रहा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़कर भारत की संस्कृति से जुड़ी चीजों को महत्व देने लगा है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की एक प्रतिमा भी स्थापित थी। अब इस प्रतिमा के स्थान पर राजाजी (सी. राजगोपालाचारी) की प्रतिमा लगाई जाएगी।

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने लाल किले से दिए गए अपने संबोधन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान उन्होंने लाल किले से ‘पंच प्रणों’ की बात कही थी। उनमें से एक है, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राष्ट्रपति भवन ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

आज होगा राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण

राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी को ‘राजाजी उत्सव’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण में सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इसके साथ ही राजाजी उत्सव के दौरान राजगोपालाचारी पर आधारित प्रदर्शनी भी लगेगी। ये प्रदर्शनी 24 फरवरी से एक मार्च तक जारी रहेगी। मोदी ने कहा, “मौका निकालकर आप भी इसे देखने जरूर जाइए।”

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