डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: वेदांता लिमिटेड ने बंद पड़ी केबुल कंपनी को फिर से खड़ा करने और उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अपना ‘मास्टर प्लान’ तैयार कर लिया है। इस योजना के तहत कंपनी न केवल पुराने गौरव को वापस लाएगी, बल्कि प्लांट को पूरी तरह से हाई-टेक और ऑटोमैटिक बनाने की तैयारी में है।
पुराने मशीनों की होगी विदाई, लगेगी नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी
वेदांता के मास्टर प्लान के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में आमूल-चूल बदलाव किए जाएंगे। प्लांट से पुरानी और पारंपरिक मशीनों को हटाकर उनकी जगह अगली पीढ़ी की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाली मशीनें लगाई जाएंगी। दुबई ग्रुप से मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी अंतरराष्ट्रीय केबुल टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ हाथ मिलाने जा रही है ताकि भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके।
इन उत्पादों पर होगा फोकस
प्लांट में केवल सामान्य केबुल ही नहीं, बल्कि बिजली क्षेत्र की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने वाले उत्पाद बनेंगे।
- हाई-कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर
- एडवांस्ड स्विच गियर
- हाई-वोल्टेज केबुल
उत्पादन लागत में आएगी कमी, बढ़ेगी एफिशिएंसी
वेदांता अपने इस प्रोजेक्ट को बेहद किफायती बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके लिए एल्युमीनियम रॉड की सप्लाई सीधे वेदांता के अपने प्लांट से की जाएगी, जिससे कच्चे माल की लागत काफी कम हो जाएगी। मॉडर्नाइजेशन ड्राइव के तहत जल्द ही ग्लोबल और मैकेनिकल सेक्टर के टेंडर जारी किए जाएंगे।
रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
कंपनी के विस्तार से स्थानीय युवाओं और टेक्निकल प्रोफेशनल्स के लिए बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा होंगी। पुराने कर्मचारियों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। केबुल और पावर प्रोजेक्ट्स के विस्तार से सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

