पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर में उबाल पैदा कर दिया है। लड़की की मौत पर सोमवार रात जमकर बवाल हुआ। लोग सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। पुलिस, हॉस्टल और डॉक्टर की मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार करने की मांग की।

जहानाबाद की रहने वाली यह छात्रा मुन्नाचक स्थित हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया, जिसके सदमे और चोटों के कारण उसकी जान चली गई। इस घटना के विरोध में आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने पटना के व्यस्त कारगिल चौक पर शव के साथ उग्र प्रदर्शन किया, जिससे घंटों तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप रही और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
6 जनवरी को हॉस्टल के कमरे में अचेत पाई गई थी
बताया जा रहा है कि न्यू ईयर की छुट्टी मनाकर 5 जनवरी की शाम पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में आयी छात्रा अचानक से हॉस्टल के कमरे में 6 जनवरी को अचेत पाई गई। परिजन और पुलिस के मुताबिक छात्रा को एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। छात्रा की हालत बिगड़ता देख परिजन उसे 9 जनवरी को मेदांता अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए लेकर गए, लेकिन इलाज के क्रम में 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई।
स्लीपिंग पिल्स की आदी थी छात्रा
डॉक्टर के कथन अनुसार छात्रा स्लीपिंग पिल्स (नींद की टैबलेट) की आदी थी और उसकी मौत की वजह स्लीपिंग पिल्स ही है। पुलिस ने यह भी दावा किया कि 9 जनवरी को परिजन द्वारा एफआईआर करने के बाद हॉस्टल के कमरे की तलाशी ली गई। जिसमें छात्रा के कमरे से स्लीपिंग पिल्स मिले हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी दावा किया है कि छात्रा के मोबाइल में छानबीन के दौरान पाया गया कि वह आत्महत्या और स्लीपिंग पिल्स के बारे में सर्च करती रहती थी।
शरीर और सिर पर चोट के गंभीर निशान
परिवार वालों का आरोप है कि लड़की को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाने से पहले पुलिस को सूचना नहीं दी गई। जिस कमरे से उसे निकाला गया, उसका कोई वीडियो नहीं बनाया गया। आरोप है कि शुरुआत में लड़की को पटना के प्रभात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां के डॉक्टरों ने दो दिनों तक तो सब ठीक बताया, लेकिन अचानक उनका व्यवहार बदल गया। परिजन का आरोप है कि छात्रा के शरीर और सिर पर चोट के गंभीर निशान मिले हैं।
हॉस्टल मालिक-पुलिस और डॉक्टरों पर मिलीभगत का आरोप
लड़की के मामा का आरोप है कि हॉस्टल का मालिक एक प्रभावशाली माफिया है और उसने अस्पताल के डॉक्टरों को ‘मैनेज’ कर लिया था। परिजन लड़की को मेदांता अस्पताल ले आए, लेकिन वहां भी चार दिनों तक बेटी से नहीं मिलने दिया गया। आखिर में डॉक्टर्स ने लड़की की मौत की वजह शरीर में जहर होना बताया।

