जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव को लेकर बड़ा बयान दिया है। दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में छोटे भाई और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नहीं आने पर तेज प्रताप यादव ने बड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनको जयचंद ने घेरा होगा, इसलिए नहीं आए।

जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव की ओर से मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था। दही-चूड़ा भोज का तेजप्रताप यादव खुद तेजस्वी यादव, पिता लालू प्रसाद और मां राबड़ी देवी को निमंत्रण देने गए थे। लेकिन, तेजस्वी यादव के दही चूड़ा भोज में शामिल नहीं हुए। लेकिन, तेजप्रताप यादव के दही चूड़ा भोज में पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी पहुंचे थे।
तेजस्वी के सवाल पर जयचंदों का जिक्र
दही-चूड़ा भोज में तेजस्वी यादव के शामिल न होने पर उन्होंने कहा कि वो नहीं आए, हो सकता है कि उन्हें जयचंद ने घेर रखा होगा। उन्होंने मीडिया से कहा कि मीडिया, तेजस्वी यादव से यह सवाल पूछ सकता है कि उनको आने का मन है या नहीं?
पिता आ गए उससे बड़ा कुछ नहीं-तेज प्रताप
अपने पिता लालू यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिता आ गए, उससे बड़ा कुछ नहीं है। उनका आशीर्वाद मिल गया। उन्होंने कहा कि कल (13 जनवरी) तेजस्वी यादव को हम निमंत्रण देने गए थे। सत्ता पक्ष और विपक्ष सब को हमने अपने चूड़ा दही भोज पर आमंत्रित आज किया था। सीएम नीतीश कुमार को भी कार्ड भिजवाया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोगों ने आकर आशीर्वाद दिया।
एनडीए को लेकर दिया चौंकाने वाला जवाब
तेज प्रताप यादव ने दही-चूड़ा भोज के दौरान कई बड़े और चौंकाने वाले राजनीतिक बयान दिए। उन्होंने कहा कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को जनशक्ति जनता दल में आरजेडी को विलय कर देना चाहिए। उन्होंने आगे दावा किया कि लालू यादव की असली पार्टी जनशक्ति जनता दल है। इसी वजह से लालू यादव उनके भोज में शामिल हुए। एनडीए में शामिल होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनाएंगे या एमएलसी, यह फैसला उनको करना है। समय आने पर सब तय हो जाएगा।

