मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रिटायरमेंट को लेकर भले ही तरह-तरह की बातें की जाती रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। नीतीश कुमार उम्र के इस पड़ाव पर भी बिहार के युवा चेहरों तेजस्वी और चिराग से ज्यादा ऊर्जावान बने हुए हैं। तभी तो 74 वर्ष की उम्र में भी नीतीश कुमार एक बार फिर पूरे बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी में।

उम्र एवं बीमारी की चर्चा के बावजूद सीएम पूरी तरह से एक्टिव
नीतीश कुमार एक बार फिर 16 जनवरी से बिहार की यात्रा पर निकलने वाले है। इस यात्रा का नाम दिया है “समृद्धि यात्रा”। 74 साल की उम्र एवं बीमारी की चर्चा के बावजूद सीएम पूरी तरह से एक्टिव रहते हैं और यात्रा के माध्यम से फिर से वह जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव की सियासी खामोशी
चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर निकल गए थे और वापस लौटने पर बिहार की यात्रा पर उनके निकलने की बात थी, लेकिन तेजस्वी यादव की सियासी खामोशी बरकरार रही और उन्होंने 100 दिनों तक नीतीश सरकार के कामकाज का अध्ययन करने की बात कही।
8 दिनों का दौरा
सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पश्चिम चंपारण से शुरू होने जा रही है। यात्रा के पहले चरण में नीतीश कुमार 8 दिनों तक यात्रा पर रहेंगे। समृद्धि यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से होगी। इसके बाद यह यात्रा पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों से गुजरेगी।
क्या है सीएम की यात्रा का उद्देश्य
जानकारी के अनुसार प्रस्तावित बिहार यात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना है। मुख्यमंत्री यह देखना चाहते हैं कि बीते वर्ष प्रगति यात्रा और अन्य कार्यक्रमों के दौरान जिन योजनाओं की घोषणा की गई थी, वे धरातल पर किस स्थिति में हैं। क्या योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं-यही इस यात्रा का केंद्र बिंदु होगा।

