बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में आज एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल का साक्षी बनने जा रहा है। कल्याणपुर प्रखंड के राजपुर पंचायत अंतर्गत कैथवलिया गांव में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के साथ पहुंच चुके हैं।

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे कैथवलिया में उतरा। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग की पूजा-अर्चना
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। देश-विदेश से आए साधु-संतों और प्रकांड विद्वानों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जा रही है। हजारों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। महिलाएं मंगल गीत गा रही हैं, वहीं हर कोई इस दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर पुण्य का भागी बनने की कामना कर रहा है।
शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा
विशाल शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया है। वहां से पैंतालीस दिन की यात्रा करके शिवलिंग चंपारण के केसरिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर पहुंचा। स्थापना के दौरान शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। पांच नदियों के जल से शिवलिंग का अभिषेक किया गया।
तमिलनाडु से 45 दिन की यात्रा कर पहुंचा बिहार
शिवलिंग में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग हैं, जिस कारण इसे सहस्त्र लिंगम की संज्ञा दी गई है। ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से बना यह शिवलिंग तमिलनाडु से 45 दिन की अवधि में बिहार पहुंचा है जो अत्यंत ही विशाल है और 33 फीट लंबा है। इस शिवलिंग का वजन 210 टन है।

