डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: टाटा स्टील अपने प्लांट के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी 1 फरवरी को दोपहर 12 बजे, जमशेदपुर स्थित कोक प्लांट के 100 साल पुराने कोल टॉवर को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से ध्वस्त कर दिया जाएगा।
मुख्य बातें
किसे गिराया जाएगा: कोक प्लांट की बैटरी नंबर-7 का पुराना कोल टॉवर।
कब होगा ध्वस्तीकरण: 1 फरवरी, दोपहर 12:00 बजे।
कौन करेगा यह काम: एडिफिस इंजीनियरिंग – वही एजेंसी जिसने नोएडा के प्रसिद्ध सुपरटेक ट्विन टावर्स को गिराया था।
अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
टाटा स्टील प्रबंधन के अनुसार, इस ध्वस्तीकरण के लिए सुरक्षा के वैश्विक मानकों का पालन किया जा रहा है। एडिफिस इंजीनियरिंग उन्नत तकनीकों का उपयोग करेगी ताकि पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि
प्लांट के किसी भी कर्मचारी या उपकरण को कोई नुकसान न हो, इसके लिए विस्तृत डिजाइन तैयार किया गया है। सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट संबंधित विभागों से प्राप्त कर लिए गए हैं। धमाके के दौरान अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए व्यापक आपातकालीन तैयारी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
भविष्य की योजना: इको-फ्रेंडली कोक ओवन यूनिट
इस पुराने ढांचे को हटाने का उद्देश्य भविष्य के लिए रास्ता साफ करना है। इस कोल टॉवर के ध्वस्तीकरण के बाद, यहां एक नई एडवांस्ड और इको-फ्रेंडली कोक ओवन यूनिट स्थापित की जाएगी। बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2022 में भी इसी एजेंसी ने टाटा स्टील के कोक प्लांट में 110 मीटर ऊंची चिमनी और 48 मीटर ऊंचे एक अन्य कोल टॉवर को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया था।

