टिनप्लेट कंपनी के गेट पर दहाड़े मजदूर, 16 कर्मियों को काम पर वापस लेने और बकाया भुगतान की हुंकार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर मजदूरों के हक की आवाज बुलंद हुई है। संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने टिनप्लेट कंपनी के गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला 16 श्रमिकों की रोजी-रोटी और उनके वर्षो के बकाया भुगतान से जुड़ा है।

क्या है पूरा विवाद?
​मजदूर नेता अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के केंद्र में ‘मेसर्स ए.बी. कंस्ट्रक्शन’ के तहत काम करने वाले श्रमिक हैं। ये श्रमिक अगस्त 2019 से नर्सरी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 31 अक्टूबर 2025 को बिना किसी पूर्व सूचना के इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई। श्रमिकों का आरोप है कि सेवा समाप्ति के बाद नियमानुसार उनका फाइनल सेटलमेंट होना चाहिए था, जो अब तक नहीं किया गया है।

ठेकेदार बदले पर मजदूर वही, फिर अब पक्षपात क्यों?
​प्रदर्शनकारी मजदूरों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे वर्षो से टिनप्लेट कंपनी में काम कर रहे हैं। इस दौरान कई ठेकेदार आए और गए, लेकिन उनका काम कभी नहीं रुका। बीच में छह महीने के लिए काम किसी अन्य ठेकेदार को मिला, तब भी हम काम करते रहे। अब जब ठेका वापस ए.बी. कंस्ट्रक्शन को मिला है, तो हम 16 मजदूरों को ही काम से बाहर क्यों रखा जा रहा है? मजदूरों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिसके कारण उनमें भारी रोष व्याप्त है।

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15 दिनों का अल्टीमेटम: ‘आर-पार’ की तैयारी
​मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने प्रबंधन को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है। यूनियन की मांगें है सभी 16 मजदूरों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए। उनके लंबित बकाया भुगतान का निपटारा जल्द से जल्द हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

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