बिहार विधानसभा में “घुली मिठास”, रसगुल्ला-लड्डू-तिलकुट से लेकर खाजा तक की चर्चा

Neelam
By Neelam
3 Min Read

बिहार विधानसभा में सोमवार की कार्यवाही के दौरान प्रदेश के प्रसिद्ध मिठाईयों को लेकर भी सदन में दिलचस्प बहस देखने को मिली। मुद्दा था राज्य की मिठाइयों को जीआई टैग दिलाने का। बीजेपी के एक विधायक ने बाढ़ क्षेत्र की मिठाई ‘खोभिया लाई’ को जीआई टैग दिलाने की मांग उठाई। इसके बाद तो कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के मिठाइयों का जिक्र शुरू कर दिया और उनको भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिलाने की बात कही। इस दौरान सदन का माहौल हंसी-मजाक से भर गया।

‘खोभिया लाई’ को जीआई टैग दिलाने की मांग

विधानसभा में बाढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के विधायक डॉ सियाराम सिंह ने अपने क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई ‘खोभिया लाई’ को जीआई टैग दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ की खोभिया लाई केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा ‘‘जिस प्रकार देश के कई पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, उसी तरह बाढ़ की लाई को भी संरक्षण और ब्रांड वैल्यू मिलनी चाहिए। यह मिठाई दशकों से स्थानीय कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक तकनीक का प्रतीक रही है। इसे कानूनी संरक्षण दिया जाना जरूरी है।’’

खोभिया लाई को GI टैग के लिए आवेदन

इसके जवाब में बिहार सरकार में उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉक्टर दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि बाढ़ की खोभिया लाई को GI टैग के लिए बिहार कृषि विभाग द्वारा 19 मई 2025 को गंभीरता से लिया गया और चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेतक रजिस्ट्री (Geographical Indications Registry) में आवेदन कर दिया गया है। उन्होंने कहा, जल्द ही खोभिया लाई को GI टैग मिल जाएगा।

बड़हिया के रसगुल्ला पर लगे ठहाके

इसी बीच उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, यदि बाढ़ की लाई को जीआई टैग देने की पहल हो रही है तो बड़हिया के रसगुल्ले को भी यह सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘मंत्री इन मिठाइयों का स्वाद तो लेते हैं, लेकिन उन्हें जीआई टैग दिलाने के प्रयास नहीं करते।’’ इसी बीच मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें अब तक बड़हिया का रसगुल्ला खिलाया ही नहीं गया है। उनके इस जवाब पर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे।

मनेर के लड्डू के लिए भी मांग

इसके बाद कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रसिद्ध मिठाइयों, गयाजी का तिलकुट, अनरसा, रस्कदम और लड्डू का जिक्र करते हुए उन्हें भी जीआई टैग दिलाने की मांग की। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मनेर के प्रसिद्ध लड्डू को भी जीआई टैग दिलाने की मांग उठाई।

विधानसभा में लगेगी मिठाइयों की प्रदर्शनी

सरकार ने भरोसा दिलाया कि बिहार के सभी प्रमुख पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की दिशा में पहल की जाएगी। साथ ही विधानसभा परिसर में आयोजित बसंत उत्सव में राज्य के प्रसिद्ध खाद्य उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने का सुझाव भी सामने आया।

Share This Article