केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे हैं। वह भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। शाह के इस दौरे का फोकस सीमा पर घुसपैठ और कथित अवैध धार्मिक ढांचों के कारण राज्य के सीमांचल क्षेत्र में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर होगा।
तीनों दिन सीमावर्ती क्षेत्रों में डालेंगे डेरा
अमित शाह तीनों दिन सीमावर्ती क्षेत्रों में डेरा डालेंगे। गृह मंत्री बुधवार शाम लगभग 4 बजे पूर्णिया हवाई अड्डा पर उतरने के बाद हेलीकॉप्टर से किशनगंज जाएंगे। फिर किशनगंज समाहरणालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बुधवार की रात वह किशनगंज में ही विश्राम करेंगे।अगले दिन 26 फरवरी को गृह मंत्री अररिया जाएंगे, जहां वे सुबह 11 बजे लेट्टी सीमा चौकी पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा
इसके बाद वे कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जिला अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मुद्दों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें सुरक्षा को लेकर बातचीत होगी। उसी दिन वह वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और फिर रात रुकने के लिए पूर्णिया लौटेंगे। इसके बाद 27 फरवरी को गृह मंत्री शाह पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बार फिर अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। समीक्षा बैठकों के अंतिम दौर के समापन के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ पर होगा फोकस
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमित शाह सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन के मुद्दों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति और सीमा प्रबंधन का जायजा भी लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक के दौरान गृह मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्मित अवैध धार्मिक ढांचों और स्थानीय अधिकारियों की ओर से उन घुसपैठियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट तलब कर सकते हैं, जो कथित तौर पर क्षेत्र की जनसांख्यिकी बदल रहे हैं।

