डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक, टाटानगर रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का मास्टर प्लान अब जमीन पर उतरने लगा है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के आधुनिक स्वरूप को निखारने के लिए कमर कस ली है। इस व्यापक योजना के तहत न केवल स्टेशन परिसर को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा, बल्कि रेलवे की बेशकीमती जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां ‘ग्रीन एनर्जी’ (सौर ऊर्जा) के प्लांट लगाए जाएंगे।
चार चरणों में होगी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई
रेलवे की इस बड़ी योजना के आड़े आ रहे लगभग 350 से 400 अवैध मकानों और दुकानों को हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासन ने इसे चार अलग-अलग फेज में विभाजित किया है।
पहला चरण: कीताडीह और आसपास के इलाकों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है।
आगामी कार्रवाई: होली के तुरंत बाद शेष चार चरणों में अभियान की रफ्तार तेज होगी।
राहत की उम्मीद: रेलवे प्रभावित लोगों के लिए ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है, ताकि मानवीय पहलू का ध्यान रखा जा सके।
बिजली बिल में होगी भारी कटौती: 339 मेगावाट का लक्ष्य
इस अभियान का सबसे अहम हिस्सा रेलवे की जमीन का सदुपयोग है। रेलवे लाइन के किनारे करीब 550 मीटर जमीन का अधिग्रहण कर वहां छोटे-छोटे सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल ने कुल 339 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इससे न केवल रेलवे के बिजली खर्च में भारी बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम होगा।
इन इलाकों को पहले ही मिल चुका है नोटिस
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि लोको क्रॉसिंग से सालगाझुड़ी केबिन तक के क्षेत्र को पूरी तरह से विकसित किया जाएगा। इसके दायरे में आने वाले मछुआ पाड़ा, हरिजन बस्ती अन्य सटे हुए इलाके इन क्षेत्रों में पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जमीन खाली होने के बाद वहां समतलीकरण का काम शुरू होगा और तत्काल सोलर पैनल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

