डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के चाईबासा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में एक ओझा ने झाड़फूंक के बहाने एक नाबालिग बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 57 वर्षीय आरोपी ओझा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पूजा के बहाने परिजनों को घर से बाहर भेजा
घटना की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राफेल मुर्मू ने बताया कि तोड़ांगहातु गांव निवासी पांडे नाग (57 वर्ष) को एक परिवार ने अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए घर बुलाया था। पीड़ित परिवार का बेटा दिसंबर 2025 से बीमार चल रहा था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी सुधार न होने पर परिजनों ने अंधविश्वास का सहारा लिया और ओझा पांडे नाग को बुलाया। आरोपी ने घर पहुंचकर पूजा-पाठ का ढोंग रचाया और एक साजिश के तहत पीड़िता की मां और उसके भाई को पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए पास के तालाब भेज दिया। घर में नाबालिग को अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
परिजनों के लौटते ही खुला राज
जब मां और भाई तालाब से लौटे, तो डरी-सहमी बच्ची ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। इसके तुरंत बाद परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए जगन्नाथपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की और छापेमारी टीम गठित कर आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में एसडीपीओ राफेल मुर्मू के साथ थाना प्रभारी टिंकु कुमार दास और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में चाईबासा जेल भेज दिया है।
सतर्क रहें: यह घटना हमें याद दिलाती है कि बीमारी की स्थिति में केवल योग्य डॉक्टरों और अस्पतालों पर भरोसा करें। अंधविश्वास न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं का कारण भी बनता है।

