डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अचानक इस्तीफा देने वाले पूर्व राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बोस को ‘राजनीतिक मकसद’ के चलते पद से हटाया गया है।
मुलाकात के मुख्य बिंदु
शिष्टाचार भेंट: ममता बनर्जी कोलकाता के धर्मतल्ला में अपना पांच दिवसीय धरना समाप्त करने के बाद सीधे बोस से मिलने पहुंचीं।
विदाई संदेश: बोस बुधवार को अपने गृह राज्य केरल लौट रहे हैं। ममता ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और बंगाल वापस आने का निमंत्रण भी दिया।
केंद्र पर आरोप: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र ने दबाव डालकर उनसे इस्तीफा लिया है।
‘दिल्ली बुलाया और इस्तीफा ले लिया’
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी ‘साजिश’ करार दिया। उन्होंने घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा कि बोस को राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए उत्तर बंगाल जाना था, लेकिन उन्हें अचानक दिल्ली बुला लिया गया और इस्तीफा ले लिया गया। यह पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक पढ़े-लिखे और बेहतर इंसान को चुनाव से पहले रास्ते से हटाना केंद्र की मंशा पर सवाल उठाता है।
अचानक इस्तीफे से उपजा विवाद
1977 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी डॉ. सीवी आनंद बोस ने 17 नवंबर, 2022 को बंगाल के राज्यपाल का पद संभाला था। उनका कार्यकाल समाप्त होने में अभी 20 महीने बाकी थे, लेकिन पिछले गुरुवार को उनके अचानक इस्तीफे ने सबको चौंका दिया।

