धनबाद: जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने अधिकारियों और कर्मियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा बैठक में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर वेतन रोकने, स्पष्टीकरण मांगने और शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
पुटकी स्थित धनबाद सदर प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के साथ-साथ सात टीमों द्वारा नवाडीह, दामोदरपुर, धोखरा, सियालगुदरी, गोपीनाथडीह, पांडरकनाली और पेटिया पंचायतों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का औचक निरीक्षण किया गया। टीमों ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जन वितरण प्रणाली, मनरेगा, आंगनबाड़ी केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित कई योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन किया।
निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने धोखरा, अरलगड़िया और दुबराजडीह के कनीय अभियंताओं, सियालगुदरी के पंचायत सचिव तथा दुबराजडीह के सहायक अभियंता के कार्यों पर असंतोष जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
धनबाद अंचल के कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश
धनबाद अंचल कार्यालय की समीक्षा में विभिन्न रजिस्टरों की अनुपलब्धता और अभिलेखों के सही संधारण में गंभीर खामियां मिलने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से धनबाद अंचल के लिपिक समेत सभी कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
अतिक्रमण हटाने में ढिलाई पर सीओ को शो-कॉज
बैठक के दौरान सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की समीक्षा भी की गई। बिनोद बिहारी चौक के समीप गैराबाद भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकानों को हटाने के पूर्व आदेशों के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने धनबाद अंचल अधिकारी को फटकार लगाई और शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही एसएनएमएमसीएच के आसपास तथा जेसी मल्लिक स्थित मल्लिक तालाब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए।
सभी अंचलों में बनेगा लैंड बैंक
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में आसानी होगी। कई योजनाएं केवल भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित रह जाती हैं। लैंड बैंक बनने से योजनाओं के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन आसान होगा।
पेयजल संकट के समाधान पर भी फोकस
बैठक में जल जीवन मिशन, पेयजलापूर्ति, भूमि हस्तांतरण, मनरेगा और आवास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि पिछले तीन महीनों में जिले में जलमीनार, सोलर जलमीनार और पाइपलाइन के माध्यम से 3000 से अधिक नए जल कनेक्शन दिए गए हैं तथा लगभग इतनी ही संख्या में जल स्रोतों की मरम्मत की गई है।
उन्होंने बताया कि जिले में 450 से अधिक पेयजल योजनाएं अभी लंबित हैं, जिन्हें जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल्द पूरा किया जाएगा। पुटकी क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान को लेकर रेलवे के आद्रा मंडल से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। अनुमति मिलते ही क्षेत्र में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

