डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम और आसपास के जिलों से एमजीएम अस्पताल आने वाले गंभीर बर्न मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। अस्पताल प्रशासन अब बर्न वार्ड को एक अलग और आधुनिक बर्न व प्लास्टिक सर्जरी यूनिट के रूप में विकसित करने जा रहा है। इस नई यूनिट के शुरू होने से मरीजों को बेहतर इलाज और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
5 बेड से बढ़कर 35 बेड की होगी क्षमता
वर्तमान में एमजीएम अस्पताल के सर्जरी विभाग के तहत केवल 5 बेड का बर्न वार्ड संचालित हो रहा है, जिससे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अक्सर बेड की कमी महसूस होती थी। अलग यूनिट बनने के बाद बेडों की संख्या 7 गुना बढ़ाकर 35 कर दी जाएगी। इससे न सिर्फ मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि संक्रमण का खतरा भी काफी हद तक कम होगा।
डॉक्टरों और स्टाफ की अलग होगी तैनाती
सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष एच.आर. खान ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा को इस संबंध में औपचारिक पत्र भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार इस नई यूनिट का संचालन एचओडी डॉ. ललित मिंज की देखरेख में किया जाएगा। राउंड द क्लॉक (24×7) बेहतर इलाज के लिए सीनियर रेजिडेंट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्र, जूनियर रेजिडेंट और इंटर्न डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल के प्रथम तले के रूम नंबर-139 में अलग से OPD चलाने का प्रस्ताव है।
आधुनिक उपकरणों की होगी अलग से खरीदारी
अलग यूनिट बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसके लिए नए और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की खरीदारी अलग फंड से हो सकेगी। इससे प्लास्टिक सर्जरी और बर्न केयर से जुड़ी एडवांस्ड तकनीक एमजीएम में ही उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से राहत मिलेगी।

