IIT-ISM धनबाद की डॉ. शालू रानी को बड़ी उपलब्धि, केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में जगह

Reena Sharma
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आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शालू रानी को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल ‘केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल’ के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल किया गया है। वह जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले छह सदस्यों में शामिल हैं। यह उपलब्धि उनके रिसर्च एक्सपर्टीज, अकादमिक योगदान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान को दर्शाती है।

एनर्जी स्टोरेज और एडवांस्ड मैटेरियल्स में रिसर्च का मिला लाभ

डॉ. शालू रानी का चयन एनर्जी स्टोरेज, एडवांस्ड मैटेरियल्स और नई इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके रिसर्च और अकादमिक योगदान की मान्यता है। उनका यह दायित्व आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के रिसर्च प्रोफाइल को भी मजबूत करता है और संस्थान के फैकल्टी की इंटरनेशनल अकादमिक प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

पीयर-रिव्यू और एडिटोरियल प्रोसेस में देंगी योगदान

‘केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल’ एक अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड जर्नल है। इसमें केमिकल इंजीनियरिंग के साथ-साथ एनर्जी कन्वर्जन एवं स्टोरेज, एडवांस्ड मैटेरियल्स, सेंसर और बायोमैटेरियल्स जैसे इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में रिसर्च प्रकाशित होती है। एडिटोरियल बोर्ड की सदस्य के रूप में डॉ. रानी जर्नल की पीयर-रिव्यू और एडिटोरियल प्रोसेस में योगदान देंगी।

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‘प्रतिष्ठित जर्नल के बोर्ड का हिस्सा बनना सम्मान की बात’

डॉ. रानी ने कहा, “इस प्रतिष्ठित जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं क्वालिटी और इम्पैक्टफुल इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने के लिए उत्साहित हूं।”

एडवांस्ड सुपरकैपेसिटर और फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स पर रिसर्च

डॉ. रानी की रिसर्च इंटरेस्ट में एडवांस्ड सुपरकैपेसिटर, माइक्रो-सुपरकैपेसिटर, लिथियम-आयन बैटरी, फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स और न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग के लिए मेमरिस्टर शामिल हैं। उनका रिसर्च नेक्स्ट-जेनरेशन एनर्जी स्टोरेज डिवाइस और लो-पावर एवं वियरेबल इलेक्ट्रॉनिक्स के डेवलपमेंट पर केंद्रित है।

IIT रुड़की से की नैनोटेक्नोलॉजी में पीएचडी

डॉ. शालू रानी ने आईआईटी रुड़की से नैनोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की है। उनकी डॉक्टोरल रिसर्च लो-पावर वियरेबल इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बाइंडर-फ्री TiO₂-बेस्ड फ्लेक्सिबल सुपरकैपेसिटर पर केंद्रित थी। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एमटेक और बीटेक भी किया है।

संस्थान की वैश्विक अकादमिक मौजूदगी को मजबूती

डॉ. शालू रानी की यह उपलब्धि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ग्लोबल रिसर्च और अकादमिक प्लेटफॉर्म पर बढ़ती मौजूदगी को और मजबूत करती है।

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