सैरात बाजार के किराए में भारी वृद्धि पर बवाल, दुकानदारों ने किया JNAC कार्यालय का घेराव

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: शहर के 10 सैरात बाजारों के दुकानदारों और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के बीच किराए को लेकर ठन गई है। गुरुवार को सैरात बाजार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने JNAC कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दुकानदारों का आरोप है कि किराए में की गई यह वृद्धि न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ने वाली है।

किराए का गणित: 500 की जगह अब 7000?
एसोसिएशन के अध्यक्ष हरविंदर सिंह मंटू के नेतृत्व में पहुंचे दुकानदारों ने बताया कि किराए में कोई मामूली बढ़ोतरी नहीं, बल्कि इसे कई गुना बढ़ा दिया गया है।

पुरानी दर: 300 से 500 प्रति माह।

नई दर: 3,000 से 7,000 प्रति माह।

व्यापारियों का कहना है कि अचानक किया गया यह इजाफा किसी भी तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। बिना किसी पूर्व सूचना या विचार-विमर्श के लिए इस फैसले ने शहर के हजारों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है।

पुरानी गलती दोहरा रहा है प्रशासन
हरविंदर सिंह मंटू ने याद दिलाया कि दो-तीन साल पहले भी प्रशासन ने ऐसा ही कदम उठाया था। तब भारी विरोध और राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद इस फैसले को वापस लेना पड़ा था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक बार इस निर्णय को गलत माना जा चुका है, तो फिर से इसे थोपने की कोशिश क्यों की जा रही है?

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
दुकानदारों ने केवल विरोध ही नहीं जताया, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें भी रखीं। JNAC के माध्यम से उपायुक्त और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया है।

उनकी मुख्य मांगें

बढ़ाए गए किराए के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए। किराया वृद्धि के लिए व्यापारियों के संगठनों के साथ बैठक कर ‘तार्किक’ दरें तय की जाएं। व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए ही भविष्य की नीतियां बनाई जाएं।

इस घेराव में मुख्य रूप से शिवनंदन, संदीप बर्मन सहित सैरात बाजार के सैकड़ों दुकानदार शामिल हुए। फिलहाल, अब सबकी नजरें प्रशासन और सरकार के रुख पर टिकी हैं कि क्या वे दुकानदारों की इस जायज मांग को मानकर किराए में कटौती करेंगे।

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