डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: साइबर अपराधी अब केवल जामताड़ा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि छोटे शहरों को अपना सुरक्षित ठिकाना बना रहे हैं। सीआईडी रांची की एक विशेष टीम ने देर रात पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहित जैन नामक शातिर साइबर ठग को धर दबोचा।
करोड़ों की ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल
पकड़ा गया आरोपी रोहित जैन कोई मामूली जालसाज नहीं है। शुरुआती जांच में अनुमान है कि इसने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देश भर के लोगों से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।
क्या है मामला?
रांची साइबर थाने में दर्ज मामले की जांच जब सीआईडी को सौंपी गई, तो तकनीकी सर्विलांस के जरिए रोहित का सुराग मिला। सीआईडी और घाटशिला पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर उसे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में कसा गया शिकंजा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) और IT Act की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है
BNS धाराएं: 318(2), 318(4), 336(3), 340(2) समेत अन्य।
IT Act: 66(B), 66(C), और 66(D)।
इंटर-स्टेट गिरोह का अंदेशा
सीआईडी को शक है कि रोहित एक बड़े इंटर-स्टेट गिरोह का हिस्सा है, जिसके तार देश के कई राज्यों से जुड़े हैं। जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने मासूम लोगों को अपनी बातों के जाल में फंसाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया है।
पुरानी घटना से जुड़ रहे तार?
बता दे कि दिसंबर 2024 में घाटशिला के मउभंडार क्षेत्र में भी एक बुजुर्ग से 90 लाख रुपये की ठगी की कोशिश हुई थी, जिसे बैंक और पुलिस की सतर्कता से टाला गया था। सीआईडी अब इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या उस घटना के पीछे भी इसी गिरोह का हाथ था।
सतर्क रहें: ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानून नहीं होता। अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी एजेंसी का बताकर आपको वीडियो कॉल पर डराए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।

