बिहार में चैती छठ को लेकर तैयारी अंतिम चरण में, पटना के आठ घाट डेंजर घोषित

Reena Sharma
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बिहार में चैती छठ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महापर्व की शुरुआत 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ होगी, जिसके बाद 23 मार्च को खरना का अनुष्ठान किया जाएगा। व्रत के तीसरे दिन यानी 24 मार्च को शाम का अर्घ्य और 25 मार्च की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा। 

आठ घाट खतरनाक घोषित

चार दिनों के इस पर्व को लेकर पटना में प्रशासन से लेकर आम लोग तैयारी में जुटे हैं। पटना के गंगा तट पर जिला प्रशासन द्वारा व्रतियों की सुविधा के लिए तैयारी की जा रही है। इस बीच, पटना जिला प्रशासन ने गंगा किनारे आठ घाटों को खतरनाक घोषित कर दिया है। नदी के कटाव, जल-स्तर आदि के आधार पर इन घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है। इन घाटों का उपयोग प्रतिबंधित है। 

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ये घाट खतरनाक घोषित

दानापुर से लेकर पटना सिटी के दीदारगंज तक करीब 100 से अधिक गंगा घाट हैं। इन सभी पर जिला प्रशासन की ओर से तैयारी की जा रही है। निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने आठ घाटों को खतरनाक घोषित किया है। इनमें एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, शिव घाट, दीदारगंज घाट पूर्वी, रिकाबगंज घाट और बुंदेलटोली घाट शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने विभिन्न घाटों का किया निरीक्षण

चैती छठ को लेकर पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एस. एम. ने गुरुवार को गंगा के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मानकों के अनुसार दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने, नदी घाटों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम तथा गोताखोरों को तैनात रखने, रिवर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने, मेडिकल टीम को क्रियाशील रखने तथा सीसीटीवी कैमरा एवं ड्रोन से निगरानी करने का निर्देश दिया है।

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