बिहार में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही बिहार में गर्मी के “तेवर” दिखने लगे हैं। तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बढ़ती गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है, ताकि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को तेज धूप और गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
7:30 से 11:30 बजे तक होगा संचालन
समाज कल्याण विभाग के निर्देशानुसार राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक संचालित होंगे। समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि गर्मी की तीव्रता और बढ़ती है तो संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) समय में और बदलाव करने या आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का अधिकार रखते हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सतर्क रहने और स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लेकर सतर्कता
यह बदलाव छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया गया है, ताकि दोपहर की तेज धूप, उमस और गर्मी में उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या न हो। नए समय में केंद्र सुबह जल्दी शुरू होकर दोपहर से पहले ही बंद हो जाएंगे, जिससे पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकेंगी।
अगले 4 दिनों तक ड्राई वेदर
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के अनुसार राज्यभर में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और अगले कई दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक शुष्क मौसम बना रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है—
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
- धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें

