पश्चिम एशिया संकट: व्यापार और MSME क्षेत्र पर मंडराया खतरा, ‘कैट’ ने वित्त मंत्री से मांगी राहत

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय व्यापार जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस संकट से छोटे व्यापारियों और MSME क्षेत्र को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर केंद्र सरकार को आगाह किया है। कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल राहत उपायों और एक विशेष टास्क फोर्स के गठन की मांग की है।

सरकार के प्रयासों की सराहना
​सांसद व कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल और संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार की सक्रियता के कारण अब तक भारत की सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है। संतुलित वित्तीय प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के सुदृढ़ीकरण से देश में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण बना हुआ है।

इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है बुरा असर
​कैट के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे लागत में भारी इजाफा होगा। इसका सीधा असर इन उद्योगों पर पड़ेगा।
​पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स
​फार्मास्यूटिकल्स और प्लास्टिक
​टेक्सटाइल और ऑटो कंपोनेंट्स
​उर्वरक व अन्य ऊर्जा-आधारित उद्योग

निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां
​कैट के राष्ट्रीय चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल और राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने स्पष्ट किया कि निर्यातकों को कई मोर्चों पर जूझना पड़ सकता है।
​बढ़ती लागत: फ्रेट (माल भाड़ा) और बीमा शुल्क में वृद्धि।
​शिपमेंट में देरी: रूट बदलने (Divert) के कारण समय की बर्बादी।
​भुगतान संकट: अंतरराष्ट्रीय भुगतान को लेकर बढ़ती अनिश्चितता।

कैट के प्रमुख सुझाव और मांगें
​व्यापारियों के संगठन ने एमएसएमई और छोटे उद्योगों को बचाने के लिए वित्त मंत्री के समक्ष ये मांगें रखी हैं।
​विशेष टास्क फोर्स: एक ‘वेस्ट एशिया इम्पैक्ट असेसमेंट एवं रिस्पॉन्स टास्क फोर्स’ बनाई जाए, जिसमें मंत्रालय, आरबीआई और व्यापार संगठनों के विशेषज्ञ शामिल हों।
​ऋण राहत: MSME को कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय और राहत दी जाए।
​क्रेडिट गारंटी: प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष क्रेडिट गारंटी स्कीम शुरू हो।
​सब्सिडी: गंभीर रूप से प्रभावित उद्योगों के लिए ब्याज सब्सिडी और निर्यातकों के लिए बीमा सहायता।
​निगरानी: ईधन और कच्चे माल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए निरंतर निगरानी तंत्र।
​कैट के संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा है कि समय पर उठाए गए ठोस कदम ही आर्थिक स्थिरता की गारंटी हैं। हमें विश्वास है कि सरकार के हस्तक्षेप से भारतीय व्यापार जगत इस वैश्विक चुनौती का मजबूती से सामना करेगा।

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