बिहार में अगला सीएम कौन? दिल्ली पर टिकीं निगाहें

Neelam
By Neelam
3 Min Read

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अब बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय हो गया है। सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच अब सबसे बड़ा सवाल है कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी? 

नीतीश करेंगे जदयू के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात

राज्यसभा सांसद की सदस्यता लेने के बाद नीतीश कुमार दिल्ली से वापस पटना लौट चुके हैं। आज सीएम नीतीश कुमार जदयू के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे, जिसमें मंत्रिमंडल के संभावित नामों और समीकरणों पर चर्चा हो सकती है।

एनडीए विधायकों को 11 अप्रैल को पटना पहुंचने के निर्देश

जदयू सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने नीतीश कुमार को बिहार में बनने वाली नई सरकार के स्वरूप की जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि रविवार को एनडीए की बैठक हो सकती है। इसे लेकर सभी सहयोगी दलों ने अपने विधायकों को 11 अप्रैल की शाम तक पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि 12 या 13 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

एनडीए विधायक दल की बैठक में चुना जाएगा नेता

पहले कहा जा रहा था कि सभी अहम निर्णय दिल्ली में होंगे, लेकिन अब संकेत हैं कि महत्वपूर्ण फैसले पटना में होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में ही लिए जाएंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद दिल्ली में उस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

अगला सीएम बीजेपी से तय!

नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाकर अपने हिस्से का राजनीतिक बदलाव पूरा कर लिया है। नीतीश कुमार किसी भी समय राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद एनडीए के नए नेता का चयन होगा। यह तो तय माना जा रहा है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद मिल सकता है।

सीएम की रेस में कौन-कौन शामिल?

सीएम की रेस में सबसे पहला नाम डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का है। वो कोइरी समुदाय से आते हैं और बीजेपी के लिए बिहार में बड़ा ओबीसी चेहरा भी हैं। वहीं, 5 बार के विधायक और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भी रेस में हैं। वो भूमिहार समाज से आते हैं और संघ के साथ इनका पुराना और गहरा जुड़ाव भी है। इसके अलावा दिलीप जायसवाल और मंगल पांडे का नाम भी इस सूची में हैं। इन सबके बीच नित्यानंद राय का नाम भी काफी अहम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय 2015 से ही ‘सीएम-इन-वेटिंग’ माने जाते हैं। नित्यानंद राय पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष समेत कई अहम जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी हैं।

Share This Article