महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल आज संसद में पेश किए गए। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को सदन में पेश करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 को पेश करने का प्रस्ताव दिया।
कांग्रेस की बिल वापस लेने की मांग
बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इन बिलों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार संविधान को हाईजैक करना चाहती है। उन्होंने बिल को वापस लेने की मांग की।
वेणुगोपाल के बयान पर अमित शाह का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने कहा कि केसी वेणुगोपाल विधेयकों के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकते और वे केवल तकनीकी आपत्तियां ही उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बहस के दौरान विपक्ष को मजबूत जवाब देगी।
समाजवादी पार्टी ने किया बिल का विरोध
वहीं, समाजवादी पार्टी ने बिल का विरोध किया है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, महिला बिल की चासनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही पूरे देश के साथ करने का प्रयास है। हम विपक्ष की ओर से इसका विरोध करेंगे। जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे। बिल को वापस लिया जाए। 2023 के बिल को लागू किया जाए।
धर्मेंद्र यादव के बयान पर रिजिजू का पलटवार
किरण रिजिजू ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं हो सकता, असंवैधानिक बातें न करें। पूरे देश की महिलाओं की बात करें, सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की बात क्यों करते हो। इससे पहले सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं इसमें शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे। बिल को वापस लिया जाए. 2023 के बिल को लागू किया जाए।
पीएम मोदी 3 बजे लोकसभा में स्पीच देंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर करीब 3 बजे सदन को संबोधित कर सकते है। चर्चा की शुरुआत कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी महिला आरक्षण बिल को लेकर अहम बैठक कर रहे हैं।

