डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र में भीड़ के इंसाफ का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। चांदबुनिया गांव में ग्रामीणों ने 35 वर्षीय सागु हेम्ब्रम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और टांगी से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
घटना मंगलवार रात की है। आरोप है कि सागु हेम्ब्रम रात के अंधेरे का फायदा उठाकर गांव के ही प्रमाणिक हेस्सा के घर में घुस गया और महिलाओं के कमरे तक जा पहुंचा। महिलाओं के शोर मचाने पर घर के लोग जागे, लेकिन सागु अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा।
खेतों में दौड़ाकर दी रूह कंपा देने वाली सजा
बुधवार को ग्रामीणों ने सागु की तलाश शुरू की। जैसे ही वह ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा, उसने फिर भागने की कोशिश की। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसे खेतों की ओर दौड़ाया। काफी दूर भागने के बाद जब सागु थककर गिर गया, तो भीड़ ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी बीच आरोपी माधो हेस्सा और उसके परिजनों ने सागु पर टांगी (कुल्हाड़ी) से हमला किया, जिससे उसका बायां पैर बुरी तरह कट गया। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। लहूलुहान सागु करीब 3-4 घंटे तक घटनास्थल पर ही तड़पता रहा, लेकिन डर या आक्रोश के कारण कोई उसे अस्पताल ले जाने आगे नहीं आया।
अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने दर्ज की FIR
गांव के मुंडा की सूचना पर कुमारडुंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सागु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि मृतक के छोटे भाई लुदु हेम्ब्रम के बयान पर माधो हेस्सा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
आक्रोश के पीछे पुराना विवाद?
ग्रामीणों के अनुसार सागु की आदतों से पूरा गांव परेशान था। आरोप है कि वह पहले भी कई बार महिलाओं के घरों में घुस चुका था। करीब एक साल पहले उसने अपनी भतीजी के साथ भी गलत हरकत की थी, जिसे तब गांव की पंचायत में सुलझा लिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार समझाने के बाद भी उसकी हरकतों में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे गांव में भारी आक्रोश था।

