डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के बहरागोड़ा स्थित पानीपड़ा गांव में एक बार फिर पुराने जख्म और दहशत ताज़ा हो गई है। मंगलवार की शाम स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक संदिग्ध शक्तिशाली बम मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र से अमेरिकी निर्मित द्वितीय विश्व युद्ध कालीन बम बरामद किए गए थे।
मछली पकड़ने गए ग्रामीणों के उड़े होश
मिली जानकारी के अनुसार गांव के कुछ युवक मंगलवार शाम को स्वर्णरेखा नदी में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान रेतीले किनारे पर उनकी नजर एक संदिग्ध धातु की वस्तु पर पड़ी। करीब से देखने पर वह हुबहू बम जैसा दिख रहा था। देखते ही देखते खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
द्वितीय विश्व युद्ध का खौफनाक कनेक्शन?
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र ने प्रशासन की नींद उड़ाई है। कुछ दिन पूर्व भी पानीपड़ा गांव से दो जीवित बम मिले थे। सेना के विशेषज्ञों ने जांच में पाया था कि वे बम अमेरिकी निर्मित थे, जिनका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था।
ताजा बरामद वस्तु भी उसी तरह की बताई जा रही है, जिससे लोग अब नदी किनारे जाने से भी कतरा रहे हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और पुलिस का बयान
सूचना मिलते ही बहरागोड़ा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमें नदी किनारे एक और संदिग्ध बम मिलने की जानकारी मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। जल्द ही बम निरोधक दस्ता और सेना के विशेषज्ञों को बुलाकर इसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश और सुरक्षा की मांग
लगातार बम मिलने की घटनाओं से पानीपड़ा और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे नदी क्षेत्र की मेटल डिटेक्टर और सघन जांच कराई जाए। छिपे हुए अन्य संभावित विस्फोटकों को खोजकर निकाला जाए। क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों ताकि कोई अनहोनी न हो।
सावधानी बरतें: प्रशासन ने स्थानीय लोगों को फिलहाल नदी के उस हिस्से की ओर न जाने की हिदायत दी है जब तक कि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए।

