राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में मंगलवार को 22 एवं 23 अप्रैल 2026 को होने वाले दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से तैयार नजर आया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कुलाधिपति बी.एन. साह ने की। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्य और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा मूल्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नई शिक्षण पद्धतियों पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श करना है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज वक्ता होंगे शामिल:
इस सम्मेलन में अमेरिका, रूस, केन्या, मेक्सिको और नेपाल सहित कई देशों के शिक्षाविद भाग लेंगे। प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ अन्नपूर्णा देवी पांडेय, बेनसन एम ओ आगया और डॉ राम हरि ढकल सहित कई विशेषज्ञ शामिल होंगे।
वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रो (डॉ) बिहारी लाल शर्मा, प्रो (डॉ) आर सी मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता लल्लन तिवारी भी अपने विचार रखेंगे।
रिकॉर्ड पंजीकरण:
सम्मेलन के लिए अब तक 1228 शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो इस आयोजन के प्रति बढ़ती उत्सुकता और महत्व को दर्शाता है।
क्या है खास उद्देश्य?
कुलपति प्रो. (डॉ) रश्मि ने बताया कि यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शिक्षकों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे:
इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ) अशोक कुमार, प्राचार्य डॉ सुजीत कुमार मोहंती, मीडिया पदाधिकारी डॉ संजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नजरें सम्मेलन पर:
अब सभी की नजरें 22 और 23 अप्रैल को होने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में बड़े विचार और नई दिशा तय होने की उम्मीद है।

