धनबाद। भौरा क्षेत्र में बीसीसीएल के बंद पड़े करोड़ों रुपये मूल्य के रोपवे इन दिनों चोरों के निशाने पर हैं। आरोप है कि विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर रोपवे के लोहे की अवैध कटाई की जा रही है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस अवैध कारोबार को लेकर कई बार ग्रामीणों और कथित चोरों के बीच विवाद भी हो चुका है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ स्थानों पर स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दो गुटों के बीच गोलीबारी तक की घटनाएं सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ताजा मामला भौंरा ओपी क्षेत्र के जहाजटांड़ का है। यहां सोमवार को ग्रामीणों ने कथित तौर पर अवैध रूप से काटे गए बीसीसीएल के लोहे का बड़ा जखीरा बरामद किया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना, डीएसपी, एसपी सहित जिला पुलिस के वरीय अधिकारियों को दी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के कई घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और न ही बरामद लोहे को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बीसीसीएल की बंद पड़ी संरचनाओं की अवैध कटाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिम्मेदारी निभाते हुए ग्रामीणों ने कटे हुए लोहे को सुरक्षित रखा और इसकी जानकारी पुलिस को दी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो बीसीसीएल की करोड़ों रुपये की संपत्ति पूरी तरह समाप्त हो सकती है। उनका आरोप है कि अवैध कटाई का यह कारोबार संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस के वरीय अधिकारियों और बीसीसीएल प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अवैध कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही बंद पड़े रोपवे और अन्य औद्योगिक संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और विशेष अभियान चलाने की भी मांग उठाई है।

