इंसानियत की मिसाल: जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसे के बाद फरिश्ता बने ये युवक, कार काटकर महिला को निकाला बाहर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शहर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मरीन ड्राइव पर एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। जूडियो शोरूम के पास दो कारों की जोरदार भिड़ंत में एक महिला की जान पर बन आई। जहां एक ओर हादसा इतना भीषण था कि भीड़ तमाशबीन बनी रही, वहीं कुछ युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ‘फरिश्ता’ बनकर महिला की जान बचाई।

कैसे हुआ हादसा?
​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब जूडियो शोरूम के सामने एक इनोवा कार बैक हो रही थी। इसी दौरान साकची की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार हुंडई कार उससे सीधे टकरा गई। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हुंडई कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार संतोषी नामक महिला लहूलुहान हालत में मलबे के बीच फंस गई।

भीड़ बनी रही तमाशबीन, पर इन वीरों ने नहीं हारी हिम्मत
​हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। क्षतिग्रस्त कार के अंदर फंसी महिला दर्द से कराह रही थी, लेकिन कार की हालत देख कोई भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तभी हाजी सद्दाम, दानिश, राजा और उनके साथियों ने मानवता की मिसाल पेश की। इन युवकों ने बिना देर किए क्षतिग्रस्त कार के मुड़े हुए दरवाजों को खोलने की कोशिश शुरू की। काफी जद्दोजहद और कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने महिला को कार के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। महिला को बिना वक्त गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाया गया।

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अस्पताल में जंग जारी
​फिलहाल घायल संतोषी का इलाज TMH में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन स्थानीय लोग हाजी सद्दाम और उनकी टीम की बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी अगर ये युवक समय पर हिम्मत न दिखाते, तो परिणाम और भी भयावह हो सकते थे। आज के दौर में ऐसी निस्वार्थ मदद इंसानियत पर भरोसा जगाती है।

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