अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता को लेकर दुनिया के कुछ देशों के साथ भारत का नाम लेते हुए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता पर एक लेटर शेयर किया है जिसमें भारत और चीन के लिए नरक शब्द का इस्तेमाल किया है।
भारत विरोधी बात पर ट्रंप की सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कट्टरपंथी अमेरिकी लेखक और कमेंटेटर माइकल सैवेज के 3 हफ्ते पुराने वीडियो का टेक्स्ट पोस्ट किया है, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को हेल होल या नरक बताया गया है। ‘बर्थराइट सिटिजनशिप’ या जन्मसिद्ध नागरिकता नाम के इस वीडियो में भारत विरोधी बात की गई है और अब इसी वीडियो में कही गई बातों को ट्रंप ने लिखकर 4 पन्नों में ट्रूथ सोशल पर शेयर किया है।
चीन-भारत के लिए ‘नरक’ शब्द का इस्तेमाल
इस पोस्ट में लिखा है “यहां पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे चीन-भारत या दुनिया के किसी अन्य ‘नरक’ से अपने पूरे परिवार को यहां ले आते हैं। यह देखने के लिए आपको बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। अब यहां अंग्रेजी नहीं बोली जाती। आज जो प्रवासी वर्ग यहां आ रहा है उनमें इस देश के प्रति लगभग कोई निष्ठा नहीं है जो कि हमेशा से ऐसा नहीं था।”
अमेरिका को ‘चैंबर पॉट’ बनाने का आरोप
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जो लेटर शेयर किया है उसमें आगे लिखा है “नहीं, वे आज के यूरोपीय अमेरिकियों और उनके पूर्वजों जैसे नहीं हैं। आयरिश लोग घुल-मिल गए, इटैलियन लोग घुल-मिल गए, पोलिश लोग घुल-मिल गए… वे सभी घुल-मिल गए और उस ‘मेल्टिंग पॉट’ (विभिन्न संस्कृतियों के मेल) में अमेरिकन बन गए। इस लेटर में आगे लिखा गया है “मेल्टिंग पॉट’ का वह दौर अब बहुत पहले ही खत्म हो चुका है। अब यह बस एक ‘कैश-इन पॉट’ (पैसे कमाने का जरिया) बनकर रह गया है।” हम ‘मेल्टिंग पॉट’ से फिसलकर अब ‘चैंबर पॉट’ (गंदगी के ढेर) तक आ पहुंचे हैं… जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर पूरे देश में वोटिंग होनी चाहिए। इसे वकीलों के हाथों में नहीं सौंपा जाना चाहिए।”
कौन हैं माइकल सैवेज जिसके लेटर को ट्रंप ने किया शेयर
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिस लेटर को शेयर किया है उसे धूर दक्षिणपंथी माइकल सैवेज ने लिखा है जो नस्लीय टिप्पणियां करने के लिए कुख्यात रहे हैं। वो एक अमेरिकी रेडियो होस्ट और लेखक हैं। इनका असली नाम माइकल एलन वेनर है लेकिन वे ‘माइकल सैवेज’ के नाम से ही जाने जाते हैं। वे लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक रहे हैं और उनके विचारों जैसे कि इमिग्रेशन पर सख्ती का खुलकर प्रचार करते हैं।

