डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शहर के सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चर सेंटर में हाल ही में टाटा स्टील फाउंडेशन प्रबंधन और टाटा स्टील फाउंडेशन यूनियन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल सामाजिक विकास के कार्यो को गति देने पर चर्चा हुई, बल्कि कर्मचारियों के हितों को भी प्रमुखता से रखा गया।
प्रमुख उपस्थिति
बैठक की अध्यक्षता मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुधीर कुमार सिंह ने की। इस दौरान मैनेजमेंट की ओर से देबदूत मोहंती (COO), संजीव पोद्दार (CFO), करण सिंह (PO) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
झारखंड और ओडिशा के विकास पर फोकस
इस बैठक का एक बड़ा हिस्सा टाटा स्टील द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को समर्पित रहा। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु झारखंड और ओडिशा के आदिवासी व हाशिए पर रह रहे समुदायों का उत्थान था।
फाउंडेशन ने इन विकास कार्यो को और तेज करने का संकल्प लिया
स्वास्थ्य और शिक्षा: बुनियादी ढांचा और पहुंच में सुधार
महिला सशक्तिकरण: स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता।
आजीविका व तकनीकी शिक्षा: युवाओं को कौशल प्रदान करना।
मानसी: सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिए मातृत्व और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना।
कर्मचारी कल्याण: यूनियन ने उठाई प्रमुख मांगें
सामाजिक कार्यो के साथ-साथ, यूनियन के प्रतिनिधियों ने टाटा स्टील फाउंडेशन के कर्मचारियों की सुविधाओं और उनके कल्याण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय और अन्य पदाधिकारियों ने मैनेजमेंट के सामने कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय रखे, जिस पर प्रबंधन ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मुद्दों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।
यूनियन की ओर से मौजूद दिग्गज
बैठक में राकेश्वर पांडेय के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष बीके डिंडा, सलाहकार विजय खां, ददन सिंह, उपाध्यक्ष आरसी टुडू, महामंत्री अजय प्रताप सिंह समेत कई अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हुए।
निष्कर्ष: यह बैठक इस मायने में अहम है कि टाटा स्टील न केवल बाहरी समुदायों के ‘सतत सामाजिक विकास’ (Sustainable Social Development) के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है, बल्कि अपने कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

