पोटका में कुदरत का कहर: भीषण तूफान और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 20 घंटे से ब्लैकआउट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शुक्रवार शाम आए भीषण चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि ने पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर और जुड़ी समेत कई पंचायतों में भारी तबाही मचाई है। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने न केवल बुनियादी ढांचे को हिला कर रख दिया है, बल्कि प्रशासन की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज आंधी के कारण दर्जनों पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए हैं। पिछले 20 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल है, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है।

बिजली न होने से वाटर पंप और मोटर ठप पड़ गए हैं, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों के सामने पानी की किल्लत खड़ी हो गई है। गिरी भारती हाई स्कूल के पास एक विशाल पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित है। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। शनिवार सुबह स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, जिससे अभिभावकों में भारी रोष है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की सुस्ती ने हमारी मुसीबत बढ़ा दी है। न बिजली है, न पानी और न ही रास्ता साफ किया गया है। हम घंटों से मदद का इंतजार कर रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर फूटा गुस्सा
​घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू न होने पर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। वैकल्पिक रास्तों के अभाव में लोग लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली व्यवस्था को युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जाए। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन बहाल हो। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं।

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