बिहार में एक और पुल गिरा, भागलपुर में विक्रमशिला सेतु टूटकर नदी में समाया

Reena Sharma
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बिहार में एक और पुल धराशायी हो गया। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार देर रात टूटकर गंगा में समा गया। इस हादसे के बाद आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। यह नहीं, जिले का सीमांचल से संपर्क टूट गया है। राहत की बात रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने समय रहते खतरे को भांप लिया और वाहनों को रोक दिया, जिससे सैकड़ों जिंदगियां काल के गाल में समाने से बच गईं।

पूर्वी और दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली लाइफलाइन ठप

विक्रमशिला सेतु का पिलर नंबर 133 के स्लैब का हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया। ये हादसा रविवार आधी रात करीब 1:10 बजे हुआ है। बताया जा रहा है कि देर शाम पहले 10 इंच का जॉइंट सस्पेंशन धंसा। इसके बाद देर रात एक स्लैब गंगा में समा गया। पुल गिरने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पूर्वी बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली लाइफलाइन पुल पर आवागमन बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं। बताया गया है कि मरम्मत शुरू नहीं होने से बड़ा हादसा हुआ।

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16 जिले प्रभावित

साल 2001 में उद्घाटित यह 4.7 किलोमीटर लंबा पुल सीमांचल और कोसी क्षेत्र के 16 जिलों को भागलपुर से जोड़ता है। विक्रमशिला सेतु पर प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। करीब 50 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं। सीमांचल समेत 16 जिलों को यह सेतु भागलपुर से जोड़ता है। इसका निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में कराया गया था।

आखिरी बार साल 2020 में हुई थी पुल की मरम्मत

पुल में लगातार जॉइंट और एक्सपेंशन गैप की समस्या को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। आखिरी बार वर्ष 2020 में पुल की मरम्मत कराई गई थी। कुछ दिन पहले ही वॉल वायरिंग क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि प्रशासन ने उस समय इसे खारिज करते हुए कहा था कि पुल पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।

सवालों के घेरे में प्रशासन

इस हादसे ने एनएच विभाग की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो मरम्मत में देरी और गंगा की तेज धारा द्वारा नींव को खोखला करना इस पतन का मुख्य कारण बना। वर्तमान में प्रशासन ने मुंगेर पुल को वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

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