बिहार के एक में सरकारी स्कूल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सहरसा जिले के महिषी प्रखंड में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को उल्टी हुई, किसी को पेट दर्द और कई बच्चे घबराने लगे। देखते ही देखते स्कूल और गांव में अफरा-तफरी मच गई। करीब 250 से ज्यादा बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मिड-डे मील खाते ही बिगड़ी बच्चों की तबीयत
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे खाना खा रहे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी के अनुसार, स्कूल में कुल 543 बच्चे मौजूद थे। बच्चों को मिड-डे मील खाते ही पेट में दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की दिक्कत बढ़ने लगी। जिसके बाद सभी बच्चों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सभी बीमार बच्चों का इलाज जारी है।
खाने में सांप होने का दावा
वहीं खाने में सांप होने का भी दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक बच्चे की थाली में कुछ अजीब सी चीज दिखी। कुछ लोगों ने कहा कि यह एक कीड़ा था, लेकिन गांव वालों का दावा है कि वह सांप का बच्चा था। जैसे ही इसकी जानकारी फैली, पूरे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
एनजीओ करता है खाने की सप्लाई
बताया जा करहा है कि स्कूल में भोजन की आपूर्ति एक एनजीओ के माध्यम से की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनजीओ द्वारा बासी और घटिया गुणवत्ता का भोजन भेजा जाता है। अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आक्रोशित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और एनजीओ के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिषी, जलई और बनगांव थाने की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में हैं। मले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को बुलाया गया है। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को भोजन के सैंपल इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है।

